Class 10 Hindi Grammar

संज्ञा किसे कहते हैं ? संज्ञा के भेद | sangya ke kitne bhed hain | संज्ञा की परिभाषा हिंदी व्याकरण

Sangya Objective MCQ Question : अगर आप लोग हिंदी व्याकरण में संज्ञा के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो यहां पर आपको संज्ञा के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी संज्ञा किसे कहते हैं संज्ञा के कितने भेद होते हैं ( sangya ke bhed ) संज्ञा की परिभाषा क्या है यहां पर संज्ञा की परिभाषा आपको उदाहरण सहित मिल जाएगा ( sangya ke kitne bhed hain ) जो परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है तथा आप को संज्ञा का ऑनलाइन टेस्ट भी नीचे दिया गया है जहां से आप लोग परीक्षा की तैयारी और बेहतर कर सकते हैं।

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संज्ञा किसे कहते हैं? (sangya kise kahate hain? )

प्रश्न 1. संज्ञा की परिभाषा देते हुए कुछ उदाहरण दीजिए।

उत्तर ⇒ किसी व्यक्ति, वस्तु , स्थान, भाव आदि के नामों को ‘संज्ञा’ कहते हैं । जैसे- पत्थर, मनुष्य, मूर्खता, राम, सेना आदि।

संज्ञा के कितने भेद होते हैं ? ( sangya ke kitne bhed hote hain )

प्रश्न 2. संज्ञा के कितने भेद होते हैं ? स्पष्ट कीजिए।अथवा, संज्ञा के भेदों को उदाहरण सहित लिखें।

उत्तर ⇒ संज्ञा के मुख्यत: पांच भेद मुख्य होते हैं-
(i) व्यक्तिवाचक संज्ञा
(ii) जातिवाचक संज्ञा
(ii) भाववाचक संज्ञा
(iv) द्रव्यवाचक संज्ञा
(v) समूहवाचक संज्ञा

(i) व्यक्तिवाचक संज्ञा – मोहन, हिमालय, गंगा, लखनऊ आदि ।

(ii) जातिवाचक संज्ञा – लड़का, पहाड़, नदी, नगर आदि ।

(iii) भाववाचक संज्ञा – बचपन, सुन्दरता, प्रेम, योग्यता आदि ।

(iv) द्रव्यवाचक संज्ञा – सोना, चाँदी, लकड़ी, अन्न आदि ।

(v) समूहवाचक संज्ञा – सेना, पुलिस, मंत्रिमंडल, सभा आदि ।

Vyaktivachak Sangya kise kahate Hain

प्रश्न 3. व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा देते हुए कुछ उदाहरण दें।

उत्तर ⇒व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति या स्थान का बोध कराती है। जैसे – गंगा, तुलसीदास, पटना, राम, हिमालय आदि । हिन्दी में व्यक्तिवाचक संज्ञा की संख्या सर्वाधिक है।

व्यक्तिवाचक संज्ञाओं में निम्नलिखित नाम समाविष्ट होते हैं –
(क) व्यक्तियों के नाम – तुलसीदास, महेश, राम आदि ।
(ख) नदियों के नाम – गंगा, गंडक, यमुना आदि ।
(ग) झीलों के नाम – डल, बैकाल आदि।
(घ) समुद्रों के नाम – प्रशान्त महासागर, हिन्द महासागर आदि ।
(ङ) पहाड़ों के नाम – आल्प्स, विन्ध्य, हिमालय आदि ।
(च) गाँवों के नाम – पैनाल, मनिअप्पा, बिस्पी आदि ।
(छ) नगरों के नाम  – जमशेदपुर, पटना, राँची आदि।
(ज) सड़कों, दुकानों, प्रकाशनों आदि के नाम – अशोक राजपथ , परिधान भारती बुक डिपो आदि ।
(झ) महादेशों के नाम – एशिया, यूरोप. आदि।
(ञ) देशों के नाम – चीन, भारतवर्ष, रूस आदि ।
(ट) राज्यों के नाम – उड़ीसा, बिहार, महाराष्ट्र आदि।
(ठ) पुस्तकों के नाम – रामचरितमानस, सूरसागर आदि ।
(ड) पत्र-पत्रिकाओं के नाम – दिनमान, अवकाश-जगत् आदि ।
(ढ) त्योहारों, एतिहासिक घटनाओं के नाम – गणतंत्र-दिवस साल
(ण) ग्रह-नक्षत्रों के नाम – चंद्र, रोहिणी, सूर्य आदि।
(त) महीनों के नाम – आश्विन, कार्तिक, जनवरी आदि ।
(थ) दिनों के नाम – सोमवार, मंगलवार, बुधवार आदि ।

Jativachak sangya kise kahate hain

प्रश्न 4. जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा देते हुए कुछ उदाहरण दें।

उत्तर ⇒जातिवाचक संज्ञा किसी वस्तु या प्राणी की संपूर्ण जाति का बोध की है। जैसे-गाय, नदी, पहाड़, मनुष्य आदि ।
‘गाय’ किसी एक गाय को नहीं कहते, अपितु यह शब्द सम्पूर्ण गोजाती के लिए प्रयुक्त होता है । ‘मनुष्य’ शब्द किसी एक व्यक्ति के नाम को सूचित न कर मानव जाती का बोध करता है

जातिवाचक संज्ञाओं में निम्नलिखित समाविष्ट होते हैं –

(क) पशुओं, पक्षियों एवं कीट-पतंगों के नाम – खटमल, गाय, घोड़ा, चील,मैना आदि।
(ख) फलों, सब्जियों तथा फूलों के नाम – आम, केला, परवल, पालक, जूही आदि।
(ग) पहनने, ओढ़ने, बिछाने आदि के सामान – कुर्ता, जूता, तकिया, तोशक, धोती, साड़ी आदि।
(घ) अन्न, मसाले, मिठाई आदि पदार्थों के नाम – गेहूँ, चावल, जलेबी, तेजपात, रसगुल्ला आदि।

प्रश्न 5. भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं ? कुछ उदाहरण देकर स्पष्ट करें ।

उत्तर ⇒ भाववाचक संज्ञा व्यक्ति या पदार्थों के धर्म या गुण का बोध कराती है। जैसे- अच्छाई, चौडाई, मिठास, लंबाई, वीरता आदि।

भाववाचक संज्ञा में निम्नलिखित समाविष्ट होते हैं –

(क) गुण – कुशाग्रता, चतुराई, सौन्दर्य, आदि ।
(ख) भाव – कृपणता, पित्रता, शत्रुता आदि ।
(ग) अवस्था – जवानी, बचपन, बुढ़ापा आदि ।
(घ) माप – ऊँचाई, चौड़ाई, लम्बाई आदि।
(ङ) क्रिया – दौड़धूप, पढ़ाई, लिखाई आदि ।
(च) गति – फुर्ती, शीघ्रता, सुस्ती आदि ।
(छ) स्वाद – कड़वापन, कसैलापन, तितास, मिठास आदि ।
(ज) अमूर्त भावनाएँ – करुणा, क्षोभ, दया आदि।

प्रश्न 6. समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित लिखें।

उत्तर ⇒समूहवाचक संज्ञा पदार्थों के समूह का बोध कराती है। जैसे—गिरोह, झब्बा, झुंड, दल, सभा, सेना आदि ।
ये शब्द किसी एक व्यक्ति या वस्तु का बोध न कराकर अनेक का, उनके समूह का बोध कराते हैं।

प्रश्न 7. द्रव्यवाचक संज्ञा किसे कहते हैं ? कुछ उदाहरण देकर स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒द्रव्यवाचक संज्ञा किसी धातु या द्रव्य का बोध कराती है। जैसे—घी, चाँदी, पानी, पीतल, सोना आदि । द्रव्यवाचक संज्ञा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके पूर्ण रूप और अंश के नाम में पर्याप्त अन्तर हो जाता है। एक टुकड़ा सोना भी सोना है और एक बड़ा खंड भी सोना है, एक बूंद घी भी घी है और एक किलो घी भी घी है; किन्तु एक पूरे वृक्ष के टुकड़े को हम वृक्ष कदापि नहीं कहेंगे, उसे लकड़ी, सिल्ली, टहनी, डाली आदि जो कह लें। द्रव्यवाचक संज्ञा से निर्मित पदार्थ जातिवाचक संज्ञा होते हैं।
टिप्पणी – कुछ विद्वानों का कहना है कि संज्ञा के समूहवाचक तथा द्रव्यवाचक जैसे दो अलग भेद मानने की भी आवश्यकता नहीं है। वस्तुतः, इन दोनों का समाहार जातिवाचक संज्ञा में ही हो गया है।

प्रश्न 8. भाववाचक संज्ञाओं की रचना किस प्रकार होती है ?

उत्तर ⇒भाववचाक संज्ञाएँ प्रायः पाँच प्रकार के शब्दों से बनाई जाती हैं –
(i) संज्ञाओं से (ii) विशेषणों से (iii) सर्वनामों से (iv) क्रियाओं से (v) अव्यय शब्दों से ।

(i) संज्ञाओं से भाववाचक संज्ञाएँ

शब्द भाववाचक संज्ञा
लड़का                                     लड़कपन
अमर                   अमरता
कवि                   कवित्व
पशु                        पशुता
संस्कार                संस्कृति
ठग                         ठगी
सज्जन                    सज्जनता
शत्रु                         शत्रुता
बन्धु                        बन्धुत्व
मीत                        मिताई
हिन्दू  हिन्दुत्व
सेवक सेवकत्व
लुटेरा  लूट
मानव  मानवता
प्रभु प्रभुता, प्रभुत्व
बालक  बालकपन
चोर  चोरी
नारी  नारीत्व
पुरुष पुरुषत्व, पौरुष
भ्राता  भ्रातृत्व
भ्राता  भ्रातृत्व
भाई  भाईचारा
शिष्य  शिष्यत्व
तरुण  तरुणाई
साधु साधुता
दुष्ट  दुष्टता
माता मातृत्व
राज्य  राज्यत्व
स्वामी स्वामित्व
वकील वकालत
बूढ़ा  बुढापा
रंग रंगत
पण्डित  पाण्डित्य

(ii) विशेषणों से भाववाचक संज्ञाएँ

शब्द भाववाचक संज्ञा
कुमार  कौमार्य
ललित  लालित्य
लघु  लघुता, लाघव
कड़ा कड़ाई
उदार उदारता
स्पष्ट स्पष्टता
सम  समता, साम्य
सरल  सरलता
विद्वत् विद्वत्ता
लाल लाली
मलिन  मलिनता
भक्त भक्ति
कांत  कांति
महान्  महत्ता, महत्त्व
अरुण  अरुणिमा
अच्छा  अच्छाई
आस्तिक आस्तिकता
चालाक  चालाकी
कृत्रिम  कृत्रिमता
कुलीन  कुलीनता
कायर  कायरता
ढीठ ढिठाई
दिव्य  दिव्यता
मांसल  मांसलता
ठाकुर ठकुराई
हिंसा  हिंसक
सुन्दर  सुन्दरता, सौन्दर्य
सुगम  सुगमता
स्वाधीन  स्वाधीनता
सभ्य  सभ्यता
सहायक  सहायता
ऊँचा ऊँचाई
लम्बा लम्बाई
बहुत  बहुतायत
तन्द्रिल तन्द्रिलता

(iii) क्रियाओं से भाववाचक संज्ञा

शब्द  भाववाचक संज्ञा
बोलना  बोल
चमकना  चमक
लगना  लाग, लगाव
करना  करनी
खोदना  खुदाई
गाना गान
लूटना लूट
खाना-पीना खान-पान
उभरना  उभार
बचाना बचत
बैठना बैठक
मनाना मनौती
कसना  कसावट
जगमगाहट  जगमगाना
घुड़कना घुड़कन
समझना समझौता
घबराना घबराहट
बचना  बचाव
झगड़ना झगड़ा
भूलना भूल
लिखना  लिखावट
रुकना  रुकावट
गिनना  गिनती
खेलना खेल
लजाना लाज
दौड़ना  दौड
हारना हार
सुनना  सुनवाई
पहनना पहनावा
बसना  बसेरा
झगड़ना झगड़ा
उलझना  उलझन

(iv) सर्वनाम से भाववाचक संज्ञाएँ

शब्द  भाववाचक संज्ञा
अहं  अहंकार
मम  ममता
पराया परायापन
निज  निजता, निजत्व
सर्व सर्वस्व
अपना अपनापन

(v) अव्यय शब्दों से भाववाचक संज्ञाएँ

शब्द  भाववाचक संज्ञा
समीप समीपता
आगे-पीछे आगा-पीछा
शीघ्र शीघ्रता
धिक् धिक्कार

Class 10th Hindi Grammer Question Answer 

1 वर्ण-विचार ( हिन्दी व्याकरण )
2 संज्ञा ( हिन्दी व्याकरण )
3 वचन ( हिन्दी व्याकरण )
4 लिंग ( हिन्दी व्याकरण )
5 सर्वनाम ( हिन्दी व्याकरण )
6 विशेषण ( हिन्दी व्याकरण )
7 विविध क्रियाएं ( हिन्दी व्याकरण )
8 वाच्य ( हिन्दी व्याकरण )
9 काल ( हिन्दी व्याकरण )
10 कारक ( हिन्दी व्याकरण )
11 अव्यय ( हिन्दी व्याकरण )
12 संधि ( हिन्दी व्याकरण )
13 समास ( हिन्दी व्याकरण )
14 पर्यायवाची शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
15 विपरीतार्थक शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
16 श्रुतिसमभिन्नार्थक ( हिन्दी व्याकरण )
17 उपसर्ग ( हिन्दी व्याकरण )
18 प्रत्यय ( हिन्दी व्याकरण )
19 शब्द – शुद्धि ( हिन्दी व्याकरण )
20 शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
21 वाक्य ( हिन्दी व्याकरण )
22 अनेक शब्दों के लिए एक शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
23 मुहावरा ( हिन्दी व्याकरण )
24 पदबन्ध ( हिन्दी व्याकरण )
25 अनेकार्थी /अनेकार्थ शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
26 वाक्य-सुद्धि ( हिन्दी व्याकरण )
27 अंतर सम्बन्धी ( हिन्दी व्याकरण )