Class 10th Hindi Grammar ( हिंदी व्याकरण ) 27.अंतर सम्बन्धी

 


प्रश्न 1. स्वर और व्यंजन में क्या अन्तर है ?

उत्तर⇒ स्वतंत्र रूप से उच्चारित होनेवाले वर्ण स्वर कहलाते हैं। जैसे-अ, आ, इ, उ आदि। स्वर वर्णों की सहायता से उच्चारित होनेवाले वर्ण व्यंजन कहलाते हैं। जैसे क (क् + अ), प (प् + अ) आदि।


प्रश्न 2. शब्द और पद में अन्तर बताएँ।

उत्तर⇒ एक या एक से अधिक वर्गों के मिलने से बने अर्थपूर्ण ध्वनि-समूह को शब्द कहते हैं।                                                 जैसे अभ्युदय (अ + भ् + य् + उ + द् + अ + य् + अ)। वाक्य में प्रयुक्त पूर्ण शब्द को पद कहते हैं। जैसे-परिश्रम से ही किसी का अभ्युदय होता है।


प्रश्न 3. बोली और भाषा में अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर⇒ साधारण जनता जिसको स्थानीय स्तर पर समझती बोलती है, उसे बोली कहते हैं। जैसे- वज्जिका, मैथिली, मगही और भोजपुरी आदि। भाषा संस्कृत के ‘भाष’ धातु से निर्मित है। जिसका मतलब है वाणी की अभिव्यक्ति। अर्थात् भाषा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को, अपने मन की अभिव्यक्ति समझता है या उसकी अभिव्यक्ति समझ लेता है। जैसे- भाषा के रूप में अंग्रेजी, लैटिन, हिन्दी, उर्दू, चाईनीज आदि।


प्रश्न 4. निपात और अव्यय में अन्तर स्पष्ट करें।

उत्तर⇒ सामान्यतः निपात अव्यय ही माने जाते हैं, पर निपात शुद्ध अव्यय नहीं है। संज्ञाओं, विशेषणों, सर्वनामों आदि में जब अव्ययों का प्रयोग होता है तब उनका अपना अर्थ होता है, पर निपातों में ऐसा नहीं होता। ‘ज्वाला दीदी अभी गई है।’ इस वाक्य में ‘अभी’ अव्यय (कालवाचक) है। मेला घूमने में भी जाऊँगा। यहाँ (बलप्रदायक निपात) ‘भी’ निपात है।


प्रश्न 5. संधि और समास में अन्तर क्या अंतर है? सोदाहरण लिखें।

उत्तर⇒

संधि  समास
(i) संधि में दो वर्णों का योग होता है। (i) समास में दो पदों का योग होता है ।
(ii) संधि के लिए दो वर्णों के मेल और विकार की गुंजाइश रहती है। (ii) समास में पदों के प्रत्यय समाप्त कर दिये जाते हैं।
(iii) संधि के तोड़ने को विच्छेदकहते हैं।                        जैसे-पीतांबर – पीत + अंबर। जैसे-पीत अंबर। (iii) समास के तोड़ने को विग्रह कहते हैं।

 


प्रश्न 6. कर्म कारक और सम्प्रदान कारक में अन्तर स्पष्ट करें।

उत्तर⇒कर्म कारक का चिन्ह ‘को’ क्रिया के फल का आधार होता है। जैसे-राज ने रीता को पीटा। सम्प्रदान कारक के चिन्ह ‘को’ का अर्थ ‘के लिए’ या ‘के वास्ते’ होता है। जैसे पापा ने भिखारी को पैसे दिये। यहाँ ‘को’ (भिखारी को) का अर्थ के लिए’ (भिखारी के लिए) है।


प्रश्न 7. घोष और अघोष में क्या अन्तर है? उदाहरण सहित लिखें।

उत्तर⇒जिन वर्णों के उच्चारा में केवल गूंज पैदा होती है, उसे घोष कहते हैं। जैसे-ग, घ, ज, झ इत्यादि। अघोष वर्गों में केवल श्वास का उपयोग होता है, नाद का नहीं। जैसे क, ख, च, छ इत्यादि।


प्रश्न 8. उपसर्ग एवं प्रत्यय में क्या अंतर है? सोदाहरण लिखें।

उत्तर⇒उपसर्ग शब्द के प्रारंभ में जुड़कर यौगिक शब्द बनाते हैं । इनके प्रयोग से उनके अर्थ में विशेषता आ जाती है। जैसे-सु-सुपुत्र, सत्-सज्जन । यह वह शब्दांश है जो किसी शब्द के अन्त में जोड़ा जाता है; जैसे-गानेवाला कारक। इनमें क्रमशः ‘वाला’ और ‘अक’ प्रत्यय लगा हुआ है।


प्रश्न 9. कर्मधारय समास और बहुव्रीहि समास में अन्तर स्पष्ट करें।

उत्तर⇒कर्मधारय समास में समस्त पद में एक पद दूसरे पद का विशेषण या उपमान होता है। जैसे-‘नीलांबर’ (नीला है जो आकाश) अर्थात् नीले रंग का अथवा ‘देहलता’ (देहरूपी लता) में ‘लता’ पद ‘देह’ पद का उपमान है। बहुव्रीहि समास के दोनों पद किसी अन्य (संज्ञा आदि) पद के द्योतक होते हैं और इनका अर्थ शब्द-खंडों के अर्थ से सर्वथा भिन्न होता है.। जैसे-‘वज्रांगी’ वज्र के समान अंग हैं जिसके अर्थात् हनुमान । यहाँ ‘वज्र’ पद ‘अंगी’ पद का विशेषण न होकर दोनों ही पद अन्य संज्ञा शब्द (हनुमान) के विशेषण हैं।


प्रश्न 10. सकर्मक क्रिया और अकर्मक क्रिया में अन्तर लिखें।

उत्तर⇒जिसका कर्म हो या जिसे साथ कर्म की संभावना हो, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं। इस क्रिया का फल कर्ता पर नहीं, कर्म पर पड़ता है। जैसे- राजन पुस्तक पढ़ता है। अकर्मक क्रिया वह है जिसके साथ कम की संभावना न हो। इस क्रिया का फल कर्ता पर ही पड़ता है, क्योंकि इसमें कर्म नहीं होता है। जैसे- राजकुमार हँसता है। निराला खाता है।


प्रश्न 11. अपादान कारक और करण कारक में क्या अन्तर है ?

उत्तर⇒अपादान कारक में एक वस्तु से दूसरी वस्तु का अलगाव प्रकट होता है। करण कारक का सम्बन्ध माध्यम से है, जिससे क्रिया का सम्पादन होता है। जैसे-‘रामू हाथ से सिलाई करता है।’ इस वाक्य में ‘हाथ से’ में करण कारक है। ‘पम्मी घर से चला गया।’ इस वाक्य में ‘घर से’ में अपादान कारक है।


प्रश्न 12. संज्ञा और सर्वनाम के अन्तर को एक-एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट करें।

उत्तर⇒

संज्ञा  सर्वनाम
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भावआदि के नामों को ‘संज्ञा’ कहते हैं।उँदाहरण पत्थर आदि ।  संज्ञा के बदले में जो शब्द का प्रयोग किया जाता है उसे सर्वनाम कहते हैं। -उदाहरण वह आदि।

 


Class 10th Hindi Grammer Question Answer 

1 वर्ण-विचार ( हिन्दी व्याकरण )
2 संज्ञा ( हिन्दी व्याकरण )
3 वचन ( हिन्दी व्याकरण )
4 लिंग ( हिन्दी व्याकरण )
5 सर्वनाम ( हिन्दी व्याकरण )
6 विशेषण ( हिन्दी व्याकरण )
7 विविध क्रियाएं ( हिन्दी व्याकरण )
8 वाच्य ( हिन्दी व्याकरण )
9 काल ( हिन्दी व्याकरण )
10 कारक ( हिन्दी व्याकरण )
11 अव्यय ( हिन्दी व्याकरण )
12 संधि ( हिन्दी व्याकरण )
13 समास ( हिन्दी व्याकरण )
14 पर्यायवाची शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
15 विपरीतार्थक शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
16 श्रुतिसमभिन्नार्थक ( हिन्दी व्याकरण )
17 उपसर्ग ( हिन्दी व्याकरण )
18 प्रत्यय ( हिन्दी व्याकरण )
19 शब्द – शुद्धि ( हिन्दी व्याकरण )
20 शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
21 वाक्य ( हिन्दी व्याकरण )
22 अनेक शब्दों के लिए एक शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
23 मुहावरा ( हिन्दी व्याकरण )
24 पदबन्ध ( हिन्दी व्याकरण )
25 अनेकार्थी /अनेकार्थ शब्द ( हिन्दी व्याकरण )
26 वाक्य-सुद्धि ( हिन्दी व्याकरण )
27 अंतर सम्बन्धी ( हिन्दी व्याकरण )

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