2. राज्य एवं राष्ट्र की आय ( लघु उत्तरीय प्रश्न )

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1. आय से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर :- जब कोई व्यक्ति शारीरिक अथवा मानसिक कार्य करता है और उस कार्य के बदले उसे पारिश्रमिक प्राप्त होती है तो उसे आय कहते हैं।


2. प्रति-व्यक्ति आय क्या है ?

उत्तर :- जब किसी देश की कुल आय में कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो परिणाम आता है उसे प्रतिव्यक्ति आय कहते हैं। इसे औसत आय भी कहा जाता है।


3. राष्ट्रीय आय किसे कहते हैं?

उत्तर :- वर्ष भर में किसी देश में अर्जित आय की कुल मात्रा को राष्ट्रीय आय कहा जाता है। इसमें देश में उत्पादित वस्तुओं एवं सेवाओं का मूल्य शामिल किया जाता है।


4. बिहार में प्रतिव्यक्ति आय निम्न होने का क्या कारण है ?

उत्तर :- बिहार में प्रतिव्यक्ति आय निम्न होने का कारण बचत का निम्न स्तर है।


5. बिहार राज्य की प्रतिव्यक्ति आय कितनी है? सबसे अधिक एवं सबसे कम आय वाला जिला कौन है?

उत्तर :- बिहार की प्रतिव्यक्ति आय 6,610 रु० सन् 2005-06 के आँकड़ों के अनुसार बतायी गयी है। बिहार के कुल जिलों में सर्वाधिक प्रतिव्यक्ति आय-पटना जिले का तथा सबसे कम शिवहर जिले की बतायी गयी है।


6. भारत में राष्ट्रीय आय की गणना किस संस्था के द्वारा होती है ?

उत्तर :- भारत में राष्ट्रीय आय की गणना सन् 1954 के बाद से भारत सरकार द्वारा स्थापित एक संस्था केंद्रीय सांख्यिकी संगठन’ द्वारा की जाती है। यह संस्था नियमित रूप से राष्ट्रीय आय के आँकड़े प्रकाशित करती है।


7. भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय की गणना कब और किसके द्वारा की गई थी ?

उत्तर :- भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय की गणना 1868 ई० में दादा भाई नौरोजी द्वारा की गई। इनकी पुस्तक “पोवर्टी एंड अनब्रिटिश रूल इन इंडिया” में प्रतिव्यक्ति आय 20 रुपए बतायी गयी थी।


8. राष्ट्रीय आय के मापन में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों का वर्णन करें।

उत्तर :- राष्ट्रीय आय के मापन में निम्नलिखित कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं

(i) पर्याप्त एवं विश्वस्त आँकड़ों की कमी— इस संदर्भ में आँकड़ों को कितनी भी शुद्धता से संग्रह किया जाए इसमें कुछ त्रुटि अवश्य देखन को मिलती है। देश जितना ही पिछड़ा हो उसके साथ यह समस्या उतना ही अधिक होता है।

(ii) दोहरी गणना की संभावना— किसी अर्थव्यवस्था के अंतर्गत एक ही आय की दो बार गणना कर ली जाती है। जैसे एक व्यक्ति की मासिक आय 50,000 रुपये है और वह अपने नौकर को 2,000 रुपये देता है तो यहाँ उसकी एवं उसके नौकर की आय को अलग-अलग जोड़ना दोहरी गणना की संभावना है।

(iii) मौद्रिक विनिमय-प्रणाली का अभाव—किसी देश की अर्थव्यवस्था में ऐसी बहत सारी वस्तुओं का समावेश है जिसका विनिमय मद्रा के द्वारा नहीं होता है। कुछ वस्तुओं के उत्पादक स्वयं भी उपभोग कर लेते हैं या वस्तुओं के बदले दूसरी वस्तुओं को प्राप्त कर लेते हैं। ऐसी स्थिति में आय के मापन में समस्या उत्पन्न होती है।


9. प्रति व्यक्ति आय और राष्ट्रीय आय में अन्तर स्पष्ट करें।

उत्तर :- प्रति व्यक्ति आय किसी देश के नागरिकों की औसत आय है। कुल राष्ट्रीय आय में कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो भागफल आता है। उसे प्रतिव्यक्ति आय कहते हैं। इस प्रकार, प्रति व्यक्ति आय की धारणा राष्ट्रीय आय से जुड़ी हुई है। वर्ष भर में किसी देश में अर्जित आय की कल मात्रा को राष्ट्रीय आय कहा जाता है। इसमें देश में उत्पादित वस्तुओं एवं सेवाओं का मूल्य शामिल किया जाता है। राष्ट्रीय आय में वृद्धि होने पर प्रतिव्यक्ति आय में भी वृद्धि होती है। यदि राष्ट्रीय आय की तुलना में जनसंख्या की वृद्धि दर अधिक है तो प्रति व्यक्ति आय घट जाएगी।


10. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के क्या कार्य है ?

उत्तर :- भारत में सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत केंद्रीय सांख्यिकी संगठन राष्टीय आय के आकलन के लिए उत्तरदायी है। इस कार्य में राष्ट्रीय प्रतिवर्ष सर्वेक्षण संगठन, केंद्रीय सांख्यिकी संगठन को सहायता करता है।


11. आय और उपभोग में क्या अंतर है? विवेचना कीजिए।

उत्तर :- आय और उपभोग में अन्तर

आय  उपभोग
1. आर्थिक प्रयत्नों के द्वारा जो धन प्राप्त होता है उसे आय कहते है  1. मानवीय आवश्यकताओं को  सन्तुष्ट करने के लिए धन के  प्रयोग को उपभोग कहते हैं। 
2. आय अर्जन से प्रत्यक्ष सन्तोष नहीं मिलता है। 2. उपभोग से प्रत्यक्ष सन्तोष प्राप्त होता हैं। 
3. आय से वस्तु की उपयोगिता नष्ट नहीं होती है।  3. लेकिन उपभोग से वस्तु की उपयोगिता नष्ट हो जाती है।

 


12. कुल राष्ट्रीय उत्पाद एवं सकल घरेलू उत्पाद में क्या अंतर है ?

उत्तर :- कुल राष्ट्रीय उत्पाद देश के नागरिकों द्वारा उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं का बाजारी मूल्य है। अर्थात् कुल राष्ट्रीय उत्पाद = सकल घरेलू उत्पाद + शुद्ध विदेशी साधन आय। इसे जी०एन०पी० भी कहा जाता है।
सकल घरेलू उत्पाद देश के घरेलू क्षेत्र में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं तथा सेवाओं के मौद्रिक मूल्य.को कहते हैं। अर्थात् सकल घरेलू उत्पाद = जी०एन०पी० – शुद्ध विदेशी साधन आय। इसे जी०डी०पी० भी कहा जाता है।


13. शुद्ध राष्ट्रीय उत्पादन किसे कहते हैं?

उत्तर :- उत्पादन के कार्य में पूँजीगत यंत्र का प्रयोग किया जाता है, जो धीरे-धीरे घिसते या टूटते हैं। इसलिए जब कुल राष्ट्रीय उत्पादन में से घिसावट व्यय को घटाने के बाद जो शेष बचता है, उसे शुद्ध राष्ट्रीय उत्पादन कहते हैं।


14. किस प्रकार की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक सुविधाओं का अभाव होता है ?

उत्तर :- अर्द्धविकसित एवं अल्पविकसित अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक सुविधाओं का अभाव रहता है क्योंकि पूँजी का अभाव इनके सामने सबसे बड़ी समस्या बनी रहती है। उदाहरण—किसी कर्मचारी द्वारा माह के अंत में प्राप्त वेतन।


15. भारत में आय के आधार पर कौन-कौन से राज्य उच्च एवं निम्न श्रेणी पर रखे गये हैं ?

उत्तर :- भारत के राज्यों में गोवा, दिल्ली तथा हरियाणा आय के आधार पर समृद्ध माना गया है तथा बिहार, उड़ीसा और मध्यप्रदेश विकास की निचली श्रेणी में है। 


16. तीसा की भयानक आर्थिक मंदी से उबारने के लिए किस अर्थशास्त्री ने प्रयास किया था ?

उत्तर :- तीसा की भयानक आर्थिक मंदी जो सन् 1929 से 1933 तक रही थी, उसे प्रो० केन्स ने उबारने का प्रयास किया था।

उन्होंने राष्ट्रीय आय की धारणा को नये सिरे से विचार किया। केन्स के अनुसार राष्ट्रीय आय को उपभोक्ता वस्तुओं तथा विनियोग वस्तुओं पर किए गए कुल व्यय के योग के रूप में व्यक्त किया जाता है।


17. स्वतंत्रता के बाद सरकार ने राष्ट्रीय आय समिति का गठन कब और किसके नेतृत्व में किया?

उत्तर :- स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय आय समिति का गठन सन् 1949 में प्रा० पा० सी० महालनोविस की अध्यक्षता में किया गया जिसका उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय आय के संबंध में अनुमान लगाना था। उन्होंने सन 1951 में अपनी प्रथम रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिससे 1948-49 के लिए देश की कुल राष्ट्रीय आय 8,650 करोड़ रुपय बताई गई। समिति ने दूसरी रिपोर्ट 1954 ई० प्रस्तत की जिसमें 1950-54 तक का राष्ट्रीय आय के आँकड़े प्रकाशित किए गए।


18. प्रो० मार्शल ने राष्ट्रीय आय को किस प्रकार परिभाषित किया है ?

उत्तर :- प्रो० मार्शल के अनुसार, “किसी देश की पूँजी एवं श्रम का उसक प्राकृतिक साधनों पर प्रयोग करने से प्रतिवर्ष वस्तुओं का एक शुद्ध समूह उत्पन्न होता है, जिसमें भौतिक तथा अभौतिक पदार्थ एवं सभी प्रकार की सेवाएँ सम्मिलित रहती हैं। इस संपूर्ण विशुद्ध उत्पत्ति को देश की वास्तविक वार्षिक आय या वार्षिक राजस्व अथवा राष्ट्रीय आय कहते हैं।


19. राज्य घरेलू उत्पाद का आकलन किन आधारों पर होता है ?

उत्तर :- इसका आकलन दो आधारों पर होता है—सकल राज्य बरेलू उत्पाद तथा शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद। पिछले कुछ वर्षों में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है।


20. राष्ट्रीय आर्थिक स्थिति का सही मूल्यांकन क्यों जरूरी है ?

उत्तर :- राष्ट्रीय आय के आँकड़ों के संग्रहण के क्रम में यह आवश्यक होता है कि पूरे राष्ट्र के लिए एक ही मापदंड अपनाया जाए जिससे राष्ट्र की आर्थिक स्थिति का सही मूल्यांकन किया जा सके।


21. राष्ट्रीय आर्थिक विकास कब होता है ?

उत्तर :- राष्ट्रीय आय के सूचकांक में वृद्धि होती है तो इससे लोगों के आर्थिक विकास में वृद्धि होती है।


22. निम्नलिखित संक्षिप्त शब्दों को पूरा करें।

(i) डब्लू० टी० ओ०

(ii) पी० सी० आई०

(iii) एन० एस० एस० ओ०

(iv) सी० एस० ओ०

(v) एन० एन० पी०

(vi) एन० आई०

उत्तर :-

(i) वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन
(ii) पर कैपिटा इंकम अर्थात् प्रतिव्यक्ति आय
(iii) नेशनल सैम्पल सर्व आर्गनाइजेशन अर्थात्, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन
(iv) सेंट्रल स्टैटिकल ऑर्गनाइजेशन अर्थात् केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन
(v) नेट नेशनल प्रोडक्ट अर्थात्, शुद्ध राष्ट्रीय उत्पादन
(vi) नेशनल इंकम अर्थात राष्ट्रीय आय


23. निम्न के विस्तारित रूप लिखें

(i) आर०बी०आई० (R.B.I.) – (i) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
(ii) जी०एन०पी० (G.N.P.) – (ii) ग्रीस नेशनल प्रोडक्ट।


Geography ( भूगोल ) लघु उत्तरीय प्रश्न 

1 भारत : संसाधन एवं उपयोग
2 कृषि ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
3 निर्माण उद्योग ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
4 परिवहन, संचार एवं व्यापार
5 बिहार : कृषि एवं वन संसाधन
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History ( इतिहास ) लघु उत्तरीय प्रश्न 

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4 भारत में राष्ट्रवाद 
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7 व्यापार और भूमंडलीकरण
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Economics ( अर्थशास्त्र ) लघु उत्तरीय प्रश्न

1 अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
2 राज्य एवं राष्ट्र की आय
3 मुद्रा, बचत एवं साख
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