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Class 10th Social Science Subjective

Class 10th बिहार कृषि एवं वन संसाधन ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) Bihar Krishi Evam Van Sansadhan Question Answer Notes PDF Download

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Class 10 Bihar Krishi Evam Van Sansadhan Question Answer Notes PDF Download

1. बिहार की कृषि संबंधी किन्हीं तीन समस्याओं का उल्लेख करें।

उत्तर ⇒ बिहार में कृषि संबंधी तीन समस्याएँ निम्नलिखित हैं –

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(i) सिंचाई की समस्या – बिहार की कृषि, मानसून पर निर्भर है। यहाँ न तो नहरों का पूर्णतः विकास हुआ है और न ही विद्युत संचालित नलकूप का।
(ii) खेतों का छोटा आकार – बिहार में सामाजिक कारणों से खेतों का आकार छोटा हो रहा है। परिवार में विभाजन होते ही खेतों का विभाजन हो जाता है। छोटे खेत को यंत्रों से जुताई एवं सिंचाई काफी महँगी एवं कठिन होती है।
(iii) उन्नत किस्म के कृषि यंत्रों का अभाव- बिहार में ज्यादातर किसान सीमांत एवं लघु है पूँजी की कमी के कारण ये उन्नत किस्म के कृषि यंत्र खरीदने में असमर्थ है।


2. बिहार की मुख्य फसलें क्या हैं ?

उत्तर ⇒ बिहार की प्रमुख फसलों में धान, गेहूँ, मकई, गन्ना, तम्बाकू, महुआ, ज्वार, दलहन और तिलहन हैं।


3. बिहार में धान की फसल के लिए उपयुक्त भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करें।

उत्तर ⇒ बिहार में धान की फसल के लिए भौगोलिक दशाएँ –

(i) उष्णार्द्र जलवायु
(ii) तापमान 22°C-32°C के बीच
(iii) वर्षा-150 cm से 200cm के बीच
(iv) मिट्टी—जलोढ़ चिकनी
(v) बोआई-जून से अगस्त, कटाई-सितंबर से नवंबर


4. बिहार में गेहूँ के पाँच प्रमुख उत्पादक जिलों का नाम लिखें।

उत्तर ⇒ बिहार में गेहूँ उत्पादन करने वाले जिले हैं दरभंगा, रोहतास, गया, सीवान, सारण, भोजपुर और औरंगाबाद।


5. बिहार में दलहन के उत्पादन एवं वितरण का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर ⇒ बिहार में दलहन के फसलों में चना, मसूर, खेसारी, मटर, मूंग, अरहर, उरद तथा कुरथी प्रमुख हैं। इनमें अरहर एवं मूंग खरीफ दलहन है। जबकि शेष सभी रबी फसल है। 2006-07 के आँकड़े के अनुसार यहाँ रबी दलहन की खेती 519.6 हजार हेक्टेयर भूमि पर की गयी जिससे 372 हजार मैट्रिक टन दलहन उत्पादित हुआ जबकि खरीफ दलहन की खेती 87.26 हजार हेक्टेयर में किया गया और इससे 74 हजार मैट्रिक टन दलहन का उत्पादन हुआ। दलहन उत्पादन जिलों में पटना, औरंगाबाद एवं कैमूर प्रमुख है।


6. बिहार में जूट उद्योग पर टिप्पणी लिखें।

उत्तर ⇒ बिहार के उत्तरी-पूर्वी भागों में जूट उद्योग के विकास के लिए आवश्यक दशाएँ उपलब्ध हैं। इस क्षेत्र में अधिक वर्षा, उच्च आर्द्रता, अधिक तापमान, जलोढ़ मिट्टी और बाढ़ग्रस्त खादर का मैदान जूट की खेती के लिए आदर्श भौगोलिक दशा उत्पन्न करते हैं। अतः पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, समस्तीपुर आदि जिले जूट उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें कटिहार जूट मिल्स लिमिटेड, समस्तीपुर की रामेश्वर जूट मिल्स और नालन्दा की मौर्य जूट इण्डस्ट्रीज प्रा० लि. विशेष उल्लेखनीय हैं।


7. अगहनी फसल किसे कहा जाता है ?

उत्तर ⇒ यह फसल मध्य जून से अगस्त तक लगाई जाती है तथा नवंबर-दिसंबर तक काट ली जाती है। यह बिहार में सर्वाधिक प्रचलित फसल है। धान, अरहर गन्ना इत्यादि इसके मुख्य पैदावार हैं।


8. बिहार में जूट का उत्पादन किन-किन जिलों में होता है ?

उत्तर ⇒ पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, किशनगंज, सहरसा, दरभंगा और समस्तीपर जिलों में जूट का उत्पादन मुख्य रूप से होता है।


9. बिहार में अभ्रक कहाँ-कहाँ मिलता है ? इसका क्या उपयोग है।

उत्तर ⇒ बिहार में अभ्रक झारखंड की सीमावती क्षेत्रों में नवादा जमई – जिलों में पाये जाते हैं। यहाँ का अभ्रक सर्वोच्च कोटि का है। इसका अधिकतर उपयोग विद्युत कुचालक होने के कारण विद्युत उपकरण निर्माण में होता है। इसके अलावे वस्त्र निर्माण, रंग-रोगन, गुलाल-अबीर में इसका उपयोग होता है।


10. बिहार की प्रमुख दलहन फसलों के नाम बताएँ और उत्पादक जिलों का नाम लिखें।

उत्तर ⇒ -बिहार की प्रमुख दलहन फसलें हैं चना, मटर, मसूर, खेसारी, अरहर मूंग और उड़द। चना की खेती मुख्य रूप से बाँका, भागलपुर और लखीसराय जिलों में की जाती है। मूंग-मसूर की खेती मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय और भागलपुर जिले में होती है। खेसारी का उत्पादन पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा, अररिया एवं शिवा | जिलों में की जाती है। अरहर की खेती पूर्वी चंपारण, गोपालगंज तथा मुजफरपुर जिलों में की जाती है।


11. बिहार में रेल-परिवहन की शुरुआत कब हुई ?

उत्तर ⇒ बिहार में रेल-परिवहन की शुरुआत ब्रिटिश युग में 1860 ई० में हुई। ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1860-62 की अवधि में गंगा के किनारे कोलकाता तक पहली रेल लाइन बिछाया। यह रेलमार्ग राजमहल, भागलपुर, जमालपुर, पटना, आरा और बक्सर होते हुए मुगलसराय तक बनाया गया।


12. बिहार में नहरों के विकास से संबंधित समस्याओं को लिखिए।

उत्तर ⇒ बिहार में नहरों के विकास की निम्नलिखित समस्याएँ हैं –

(i) राज्य सरकार की उदासीनता,
(ii) नहर विकास हेतु पूँजी का अभाव,
(iii) बारहमासी नदियों का अभाव,


13. बिहार में वन संपदा की वर्तमान स्थिति का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ विभाजन के बाद बिहार वन-सम्पदा में निर्धन हो गया। इस प्रदेश के 6,21,635 हेक्टेयर या 6216 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ही जंगल फैले हुए हैं। जो प्रदेश के कुल क्षेत्रफल का केवल 6.60 प्रतिशत है। यह देश के औसत 19 प्रतिशत वन-क्षेत्र की तुलना में बहुत कम है। बिहाई में वनों का वितरण बहुत ही असमान है। इस प्रदेश के अधिकांश वन दक्षिणी पठारी भागों एवं उत्तरी-पश्चिमी उप-हिमालय क्षेत्र में ही फैले हुए हैं। मैदानी भाग के बहुत से जिले की दशा दयनीय है। पर्यावरण-संतुलन के लिए अनुसंशित 33 प्रतिशत वन-क्षेत्र से बहुत कम है।


14. उत्तर बिहार की नदियाँ दक्षिण बिहार की नदियों से किस प्रकार भिन्न है ? स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ उत्तर बिहार की गंडक, बागमती, कमला-बलान, कोसी, महानंदा आदि नदियाँ हिमालय से निकलकर गंगा नदी में गिरती है। यह सब गंगा की सहायक नदी कहलाती है। ढाल की तीव्रता के कारण इन नदियों में तेज धारा होती है। हिमालय के बर्फ पिघलने से और अधिक वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति बनी रहती है। इन नदियों में वर्ष भर जल बहाव होता रहता है। कोसी नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता था परंतु अब इस पर बाँध बनाकर इसे नियंत्रित किया गया है।


15. बिहार में वन विनाश के दो मुख्य कारकों को लिखें।

उत्तर ⇒ वन विनाश के दो प्रमुख कारक हैं –

(i) मानव का हस्तक्षेप वन-सम्पदा के विनाश में सबसे महत्त्वपूर्ण कारण रहा है।
(ii) बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए कृषि-भूमि के विस्तार, मानव-अधिवास क्षेत्र के विकास तथा जलावन और फर्नीचर के लिए लकड़ी की आवश्यकताओं के कारण तो वनों का ह्रास हो रहा है।
(iii) कुछ नदियों द्वारा तीव्र मार्ग परिवर्तन,
(iv) केन्द्र सरकार की उपेक्षा आदि।


16. बिहार में जनसंख्या सभी जगह एक समान नहीं है। स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ बिहार राज्य की जनसंख्या एक समान नहीं है। जनसंख्या वितरण पर राज्य की धरातलीय उच्चावच का प्रभाव पड़ता है। बिहार के मैदानी क्षेत्रों में जहाँ कृषि, सिंचाई, उपजाऊ मिट्टी एवं नगरीकरण का प्रभाव है। वहाँ जनसंख्या अत्यंत घनी पायी जाती है। जबकि पहाड़ी, उर्वर मिट्टी का अभाव, सिंचाई की कमी आदि के कारण जनसंख्या विरल पायी जाती है। पटना, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर जिलों में जनसंख्या घनी पायी जाती है। जबकि पश्चिमी चंपारण, बाँका, कैमूर जिलों में जनसंख्या कम घनी पायी जाती है।


17. बिहार के औद्योगिक पिछड़ेपन के किन्हीं चार प्रमुख कारणों का उल्लेख करें।

उत्तर ⇒ (i) बिहार के औद्योगिक पिछड़ापन का गाख कारण है – कच्च गाल की कमी। यहाँ खनिजों का अभाव है। इसके साथ-साथ गन्ना और जूट के अन्तर्गत कृषि क्षेत्र में कमी आने से इसके कच्चे माल की कमी है।
(ii) यहाँ संरचनात्मक सुविधाओं की कमी है। परिवहन, ऊर्जा, भण्डारण, की कमी के कारण उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
(iii) पूँजी एवं तकनीक की कमी भी उद्योगों के पतन का प्रमुख कारण है।
(iv) विदेशी निवेश की कमी-प्रस्ताव MON पर समझौता हुआ परन्तु वास्तविक निवेश नहीं है उपभोक्ता का उद्योग में रुचि है जबकि आधारभूत उद्योगों में कोई रुचि नहीं है।


18. बिहार के पर्यटन उद्योग को संक्षिप्त जानकारी दें।

उत्तर ⇒ बिहार का पर्यटन उद्योग एक उभरता हुआ प्रमुख उद्योग है। इस राज्य में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक तथा प्राकृतिक सौंदर्य के महत्त्ववाले कई पर्यटन स्थल हैं। राजधानी पटना सहित राज्य में गया, वैशाली, बोधगया, नालंदा, पावापुरी, सासाराम, मनेर, बिहारशरीफ, देव इत्यादि जैसे कुछ महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं फलस्वरूप 2003 में लगभग 60 देशी एवं 60 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक आये। इनकी संख्या बढ़कर 2006 में क्रमश: एक करोड़ 94 हजार से ऊपर हो गई। इन पर्यटकों के आगमन से राज्य को अभूतपूर्व राजस्व की प्राप्ति हुई हैं।


19. बिहार में किस प्रकार की सड़कों का विस्तार अधिक है ?

उत्तर ⇒ राज्य में सबसे अधिक विस्तार ग्रामीण सड़कों का है। इसकी कुल लंबाई 83261.36 किमी० है। यह राज्य के कुल सड़कों का 77.46 प्रतिशत है।


20. बिहार की अधिकतर चीनी मिलें कहाँ स्थित हैं ?

उत्तर ⇒ बिहार की अधिकतर चीनी मिलें उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र में विकसित हैं। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, गोपालगंज और सारण जिले में चीनी मिलें केंद्रित हैं; क्योंकि यहाँ गन्ना अधिक उपजाया जाता है।


21. बिहार में सीमेंट उद्योग कहाँ-कहाँ स्थापित हैं ? वर्णन करें।

उत्तर ⇒ सीमेंट उद्योग अधात्विक खनिज पर आधारित उद्योग है। चूना- पत्थर इसका कच्चा माल है। सोन नदी के तट पर कैमूर की पहाड़ियों में चूना- पत्थर पर्याप्त मात्रा में मिलता है। अतः कल्याणपुर, बनजारी, जपला और डालमियानगर में सीमेंट के कारखाने हैं। वर्तमान में डालमियानगर में उत्पादन बंद है।


22. बिहार में जलविद्युत विकास पर प्रकाश डालें।

उत्तर ⇒ बिहार में जल विद्युत का विकास किया जा रहा है। यहाँ लगभग 44.10 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन डेहरी, बारूण, पश्चिमी चम्पारण, कटैया विद्युत केंद्रों से हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त बिहार की अन्य नदियाँ गंडक, बागमती पर जल विद्युत केंद्र निर्माणाधीन हैं।


23 नई औद्योगिक नीति के मुख्य बिंदुओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ नई औद्योगिक नीति, 2006 के आने से वर्तमान राज्य सरकार द्वारा नए निवेशों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए गए कदम के बाद इस प्रक्षेत्र में काफी उत्साह बढ़ा है। राज्य में निवेश के 245 प्रस्ताव हुए हैं, जिनमें 57.84 हजार करोड रु० निवेश प्रस्तावित है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड इनमें से 115 प्रस्तावों को अनुमोदित भी कर चुका है, जिसमें कुल 40.72 हजार करोड़ रु० का निवेश प्रस्तावित है।


24. जमालपुर में किस चीज का वर्कशॉप है और क्यों प्रसिद्ध हैं ?

उत्तर ⇒ बिहार के मुंगेर जिला में जमालपुर में डीजल इंजन बनाया जाता है। यहाँ डीजल इंजन का सभी प्रकार का कार्य होता है। भारत के गैर विद्यतीकरण रेलवे क्षेत्रों में डीजल इंजन का उपयोग होता है। जमालपुर रेल इंजन से संबंधित वर्कशॉप कारखाना के रूप में विकास किया है।


25. गंगा के दक्षिणा के मैदान की मिट्टी का संक्षिप्त वर्णन करें।

उत्तर ⇒ गंगा के दक्षिणी मैदान में केवाली मिट्टी पायी जाती है। बक्सर, भोजपुर, राहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना, नालंदा, बाढ, मुंगेर और भागलपुर के मैदानी भाग में बाँगर या परानी जलोढ मिट्टी पायी जाती है। कछ स्थानों पर तीन-चार महीने बाढ़ का पानी एकत्र हो जाने से विशाल ‘ताल’ का रूप ले लेता है। इसमें बड़हिया ताल सबसे बड़ा है। इसमें पानी सूखने पर दलहन की अच्छी उपज ली जाती है। ताल के ऊपर के क्षेत्र केवाली मिट्टी के हैं। इसमें समचित वर्षा के अभाव में सिंचाई का सहारा लिया जाता है और अच्छी उपज ली जाती है।


26. सोन-नदी घाटी परियोजना से उत्पादित जल विद्युत का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ सोन परियोजना के अन्तर्गत जलविद्युत उत्पादन के लिए दो शक्ति ग्रहों की स्थापना की गयी है। पहला पश्चिमी ऊँचे जल-पता की नहर पर डेहरी के समीप बनाया गया है, जिसकी उत्पादन क्षपता 6.6 मेगावाट है। दूसरा पूर्वी ऊंचे जल स्तर की नहर वारूण में बनाया गया है, जिसकी उत्पादन क्षमता 3.3 मेगावाट है।


27. बिहार में जल-परिवहन के विकास के लिए उपाए बताएं।

उत्तर ⇒ बिहार में जल-परिवहन के विकास के लिए जल की अपेक्षित गहराई बनाये रखने के लिए नदियों के तल की खदाई, नये किस्म के जलयानों को चलाना तथा विभिन्न नहरों को एक-दूसरे से जोड़ना आवश्यक है।


28. बिहार के किस भाग में सिंचाई की आवश्यकता है और क्यो ?

उत्तर ⇒ बिहार के किशनगंज, शिवहर, दरभंगा, अररिया, मधुवनी जिले सिंचित क्षेत्रों की दृष्टि से काफी पीछे है। इस जिलों की सिंचाई की आवश्यकता सर्वाधिक है। किशनगंज के 21.81% फसल क्षेत्र ही सिंचित है। इसके कारण इस क्षेत्र में कृषि में काफी पिछड़ा हुआ है। बिहार राज्य कृषि प्रधान राज्य है। ये राज्य बाढ़ प्रभावित
क्षेत्र है। यहाँ स्थायी सिंचाई की आवश्यकता काफी अधिक है।


29. बिहार में अत्यंत कम घनत्व वाले जिले कौन-कौन हैं ?

उत्तर ⇒ बिहार राज्य में अत्यंत कम घनत्व वाले जिले क्रमशः पश्चिमी चंपारण, बॉका, जमुई एवं कैमूर हैं। इन जिलों में जनसंख्या का घनत्व 600 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी० से भी कम है।


30. बिहार में किन स्थानों पर सर्वाधिक वर्षा होती है ?

उत्तर ⇒ बिहार के उत्तर-पूर्वी, पूर्वी एवं उत्तर-पश्चिमी भागों में सर्वाधिक वर्षा होती है। इसमें सबसे अधिक वर्षा किशनगंज जिले में होती है। इसके बाद कटिहार एवं प० चंपारण का स्थान आता है।


31. बिहार की कोई दो जल विद्युत परियोजनाओं के नाम लिखें।

उत्तर ⇒ बिहार की दो जल विद्युत परियोजनाएँ :

(i) पश्चिमी सोन नहर जल विद्युत परियोजना – जो डेहरी (रोहतास जिले) में सोन नहर पर बनी है।
(ii) कटैया जल विद्युत परियोजना — जो कोसी की सहायक कटैया नदी पर सुपौल जिले में स्थित है।


32. बिहार में रज्जू मार्गों का उपयोग कहाँ होता है ?

उत्तर ⇒ इसका उपयोग मुख्यतः राजगीर के गृद्धकूट पर्वत पर बौध शान्ति स्तूप पर. जाने के लिए रज्जू मार्ग का विकास किया गया है। इसका निर्माण सन् 1972 में जापान सरकार द्वारा की गई थी।


33. बिहार में रेशमी वस्त्रों का उद्योग कहाँ विकसित है ?

उत्तर ⇒ बिहार में रेशमी वस्त्र उद्योग का विकास मुख्य रूप से भागलपुर एवं उसके आस-पास के इलाकों में हुआ है। उद्योग के विकास के लिए हस्तकरघा एवं रेशमी वस्त्र निदेशालय की स्थापना की गई है । भागलपुर के अलावा भभुआ, नवादा एवं नालंदा में भी रेशमी वस्त्र उद्योग का विकास हुआ है।


34. बिहार में ऐसे जिलों का नाम लिखिए जहाँ वन विस्तार एक प्रतिशत से भी कम है।

उत्तर ⇒ बिहार में कई ऐसे जिले हैं जहाँ वन का विस्तार एक प्रतिशत से भी कम है जो निम्न हैं — सीवान, सारण, बक्सर, पटना, गोपालगंज, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मोतीहारी, दरभंगा, मधुबनी, सगस्तीपुर, बेगूसराय, मधेपुरा, खगड़िया, नालंदा आदि।


35. बिहार में किस नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है, और क्यों ?

उत्तर ⇒ कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है, क्योंकि बिहार में सर्वाधिक बाढ़ इसी नदी के कारण आता है। यह नदी देश की सबसे तेजी से मार्ग बदलने वाली नदी भी है।


36. सूखा से बिहार किस प्रकार प्रभावित होता है ?

उत्तर ⇒ सूखे से न केवल फसलों को हानि पहुँचती है, बल्कि खाद्यान्नों की आपूर्ति भी कठिन हो जाती है। मवेशी के लिए चारे की कमी हो जाती है। जलस्तर नीचे चला जाता है। पेयजल की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। बाढ़ के समान ही सूखा भी बिहार को बहुत प्रभावित करती है। यह एक प्राकृतिक प्रकोप है।


37.बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों का नाम लिखिए और वह कहाँ स्थित है ?

उत्तर ⇒ -बिहार का प्रमुख हवाई अड्डा निम्नलिखित है –

(i) जग प्रकाश अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा – पटना
(ii)बोधगया हिवाई अड्डा – बोधगया
(iii) बिहटा हवाई अड्डा – बिहटा
(iv) भागलपुर हवाई अड्डा – भागलपुर
(v) गुजपफरपुर हवाई अड्डा – मुजपफरपुर
(vi) रक्सौल हवाई अड्डा – रक्सौल


38. ‘ बिहार में नदियों का परिवहन क्षेत्र में क्या योगदान है ?

उत्तर ⇒ बिहार राज्य की प्रमुख नदी गंगा, घाघरा, कोसी, गंडक, सोन वर्ष भर प्रवाहित रहती है। जिससे परिवहन का विकास हुआ है। घाघरा नदी से खाद्यान्न, गंडक से लकड़ी, फल, सन्जी, सोन नदी से बालू और पुनपुन नदी से बाँस ढोने का कार्य होता है। वर्तमान समय में पटना के महेन्द्र घाट में गंगा नदी पर हल्दिया-इलाहाबाद राष्ट्रीय जलमार्ग का विकास किया गया है। जिससे सामानों और यात्रियों के ढोने का कार्य किया जाता है।


39. तसर रेशम का उत्पादन बिहार के किस जिले में अधिक होता है ?
उत्तर ⇒ तसर किस्म के रेशम के उत्पादन में भागलपुर जिला प्रसिद्ध है। यहाँ रेशम की मिलें भी हैं। बुनाई और कताई का काम भी यहाँ होता है।


40. मौसम के अनुसार बिहार की फसलों को कितने भागों में बाँटा गया है ? लिखें।

उत्तर ⇒ मौसम के अनुसार बिहार की फसलों को चार भागों में बाँटा गया हैं-

(i) भदई फसलें – यह मई-जून में बोई जाती है और अगस्त-सितंबर में काट ली जाती है। इसमें भदई धान, ज्वार, बाजरा, मकई और जूट की खेती की जाती है।

(ii) ‘अगहनी फसलें – मध्य जून से अगस्त तक रोपी जाती हैं और नवंबर-दिसंबर में काट ली जाती है। इसमें अगहनी धान, अरहर, गन्ना और ज्वार-बाजरा की खेती की जाती है।

(iii) रबी फसल – अक्टूबर-नवंबर में बोयी जाती है और ग्रीष्म ऋत के आरंभ में काट ली जाती है। इसमें गेहूँ, दलहन और तेलहन की खेती की जाती है।

(iv) गरमा फसल – सिंचाई की सुविधा रहने पर ग्रीष्म ऋतु में गरमा धान य सब्जियों की खेती की जाती है।


41. दुर्गावती जलाशय परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है ?

उत्तर ⇒ इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कैमूर एवं रोहतास जिले के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण है।


Geography ( भूगोल ) लघु उत्तरीय प्रश्न 

1 भारत : संसाधन एवं उपयोग
2 कृषि ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
3 निर्माण उद्योग ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
4 परिवहन, संचार एवं व्यापार
5 बिहार : कृषि एवं वन संसाधन
6 मानचित्र अध्ययन ( लघु उत्तरीय प्रश्न )

History ( इतिहास ) लघु उत्तरीय प्रश्न 

1 यूरोप में राष्ट्रवाद
2 समाजवाद एवं साम्यवाद
3 हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन
4 भारत में राष्ट्रवाद 
5 अर्थव्यवस्था और आजीविका
6 शहरीकरण एवं शहरी जीवन
7 व्यापार और भूमंडलीकरण
8 प्रेस-संस्कृति एवं राष्ट्रवाद

Political Science  लघु उत्तरीय प्रश्न 

1 लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी
2 सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली
3 लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा एवं संघर्ष
4 लोकतंत्र की उपलब्धियाँ
5 लोकतंत्र की चुनौतियाँ

Economics ( अर्थशास्त्र ) लघु उत्तरीय प्रश्न

1 अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
2 राज्य एवं राष्ट्र की आय
3 मुद्रा, बचत एवं साख
4 हमारी वित्तीय संस्थाएँ
5 रोजगार एवं सेवाएँ
6 वैश्वीकरण ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
7 उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण

Aapda Prabandhan Subjective 2022

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