2. सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली ( लघु उत्तरीय प्रश्न )


1. सत्ता की साझेदारी से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर- सत्ता में साझेदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार माना गया है। नागरिकों द्वारा सरकारी कामकाज में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लन की क्रिया को सत्ता में साझेदारी की संज्ञा दी जाती है। अर्थात राज्य के नागारका द्वारा सरकारी स्तर पर निर्णय लेने या निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित करना सत्ता में साझेदारी है। यह तभी संभव है जब सत्ता में अधिक से अधिक लोगों का साझेदारी सुनिश्चित हो।


2. सत्ता के विकेंद्रीकरण से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर- आधुनिक युग में राज्य के कार्यों में अत्यधिक वृद्धि हो गई है। राज्य का स्वरूप कल्याणकारी और समाजवादी हो गया है। स्वाभाविक है कि एक स्थान पर सत्ता के केंद्रीकत होने पर विकास का कार्य नहीं हो सकता और लोगों के जीवन को सुखमय नहीं बनाया जा सकता। इसी कारण सत्ता को कई स्तरों पर बाट दिया जाता है। इसे ही सत्ता का विकेंद्रीकरण कहा जाता है।


3. संघीय शासन की दो विशेषताएँ बताएँ।

उत्तर- संघीय व्यवस्था की निम्न विशेषताएँ हैं

(i) इसमें प्रत्येक स्तर पर स्वायत सरकारें हैं। ये सभी अपने-अपने कार्यों के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी हैं।
(ii) संघीय व्यवस्था में दोहरी सरकारें होती हैं। केन्द्रीय स्तर पर तथा दूसरी राज्यों की सरकारें।


4. पंचातयी राज क्या है ?

उत्तर- ग्रामीण स्थानीय शासन के लिए निर्मित व्यवस्था को पंचायती राजव्यवस्था कहते हैं। स्थानीय शासन में जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित कर स्वशासन की स्थापना इसका लक्ष्य है। इसके तीन स्तर हैं— गाँव में ग्राम पंचायत, प्रखड में पंचायत समिति और जिला में जिला परिषद।


5. समवर्ती सूची क्या है ?

उत्तर- भारत में संघीय शासन-व्यवस्था है। केंद्र और राज्यों के बीच सत्ता का विभाजन हो गया है। इसके लिए तीन सूचियाँ बनाई गई हैं—केंद्र सूची, राज्य सूची एवं समवर्ती सूची। समवर्ती सूची में वैसे विषय रखे गए हैं जिनपर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को कानून बनाने का अधिकार होता है। शिक्षा, वन, विवाह, न्याय-व्यवस्था वैसे ही विषय हैं।


6. लोकतंत्र जनता की सरकार है, कैसे ?

उत्तर- लोकतंत्र में जनता स्वयं अपनी प्रतिनिधि का चुनाव करती है और यही प्रतिनिधि सरकार का गठन करते हैं। अतः यह जनता का ही सरकार है।


7. गठबंधन सरकारों के दो उदाहरण दें।

उत्तर- केन्द्र में भाजपा एवं सहयोगी दलों का एन० डी० ए० अर्थात् राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन एवं पंजाब राज्य में एन० डी० ए० एवं अकाली दल अर्थात राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन इसके दो उदाहरण हैं।


8. बिहार में पंचायती राज व्यवस्था किस प्रकार की है?

उत्तर- यहाँ तीन स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था है

(क) ग्राम पंचायत,
(ख) पंचायत समिति एवं
(ग) जिला परिषद।


9. भारत में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत कब और कहाँ हुई ?

उत्तर- भारत में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत सन् 1950 में राजस्थान के नागौर जिले से हुई थी।


10. भारत में किस प्रकार का भाषा नीति है ? स्पष्ट करें।

उत्तर- भारत में एक ऐसी भाषा नीति तैयार की गई है जो अधिकतर भारतीय जनसंख्या को शामिल कर सके।

भारतीय संविधान में कुल 22 भाषाओं को स्थान प्रदान किया गया है। बी भाषाओं को समान रूप से संवर्धन एवं संरक्षण प्रदान किया गया है। हिंदी को भारत के 40% से भी अधिक जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करती है से का दर्जा दिया गया है।

इस प्रकार भारत सरकार ने एक सर्वोत्तम भाषा-नीति अपनाई है।


11. भारतीय भाषायी नीति श्रीलंका की भाषा नीति से कैसे अलग है ?

उत्तर- भारतीय भाषायी नीति इस प्रकार बनाई गई है जिसमें अधिकतम भारतीय जनसंख्या का प्रतिनिधित्व हो सके। इस प्रकार देश के प्रत्येक नागरिक की का ख्याल रखा गया है। इसके ठीक विपरीत श्रीलंका की सरकार ने एक ऐसी भाषायी नीति को बनाया जिसमें सिर्फ सिंहली भाषा को उच्च प्राथमिकता दी गई थी और बाकी सभी भाषाआ को दरकिनार कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप वहाँ की जनता के बीच व्यापक असंतोष व्याप्त हो गया और गृह युद्ध की शुरुआत हो गई थी।


12. पंचायती राज के कोई दो उद्देश्य बतावें।

उत्तर- पंचायती राज के दो निम्नलिखित उद्देश्य हैं
(i) ग्रामीण क्षेत्र की स्थानीय संस्थाओं को वास्तविक शक्तियाँ सौंप कर लोकतंत्र को अधिक सशक्त बनाना।
(ii) स्थानीय मामलों के कार्यों में ग्रामीणों को अधिक से अधिक साझेदारी प्रदान करना।


13. वार्ड-पार्षद के क्या कार्य हैं ?

उत्तर- वार्ड-पार्षद के कार्य
(i) वार्ड की सड़कों, गलियों, नालियों की नियमित सफाई।
(ii) सड़कों, गलियों आदि सार्वजनिक स्थानों पर बिजली की व्यवस्था
(iii) वार्ड की जनवितरण प्रणाली को दुरूस्त तथा उसका निगरानी करना।
(iv) निर्मल पेय-जल की आपूर्ति उपलब्ध कराना।


14. ग्राम पंचायत के आय के स्रोत क्या हैं ?

उत्तर- ग्राम पंचायत के आय के निम्नलिखित स्रोत हैं

(i) कर स्रोत–होल्डिंग, व्यवसाय, व्यापार, पेशा और नियोजन।
(ii) फीस और रेट-वाहनों का निबंधन, तीर्थ स्थानों, हाटों और मेलों, जलापूर्ति, गलियों और अन्य स्थानों पर प्रकाश, शौचालय और मुत्रालय।
(iii) वित्तीय अनुदान राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा पंचायतों को संचित निधि से अनुदान भी दिया जाता है।


15. ग्राम सभा क्या है ?

उत्तर-  ग्राम सभा—यह पंचायत की व्यवस्थापिका सभा है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में रहनेवाले सभी वयस्क स्त्री-पुरुष जो 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, ग्रामसभा के सदस्य होते हैं। ग्रामसभा की बैठक वर्ष भर में कम-से-कम चार बार होती है। मुखिया ग्रामसभा की बैठक बुलाता है और इसकी अध्यक्षता करता है।


16. ग्राम रक्षा दल क्या है ?

उत्तर-  ग्राम रक्षा दल ग्राम पंचायत का प्रमुख अंग है। इसे गाँव की पुलिस व्यवस्था कहा जाता है। गाँव के 18 से 30 वर्ष की आयु वाले स्वस्थ युवक ग्राम रक्षा दल के सदस्य होते हैं। ग्राम रक्षा दल का प्रधान दलपति होता है जिसकी नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है। इसका मुख्य काम रात्रि में पहरा देना, बाढ़, अकाल जैसी आकस्मिक घटनाओं का डटकर सामना करना है।


17. नगर निगम की आय के प्रमुख साधनों को बताइए।

उत्तर- नगर निगम की आय के मुख्य स्रोत निम्नलिखित हैं

(i) मकान कर, जल कर, शौचालय कर
(ii) हाट एवं बाजारों से आय
(iii) नगर निगम शुल्क जैसे—गाड़ी, रिक्शा, साइकिल, ठेला पर वार्षिक शुल्क
(iv) सीमा शुल्क ‘
(v) सरकार द्वारा प्राप्त वित्तीय सहायता ।


18. भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों का उदय कब हुआ?

उत्तर- सन् 1990 के बाद भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में एक महत्त्वपर्ण परिवर्तन हुआ। इसी समय विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का उदय हुआ एवं अनेक राज्य स्तरीय दल भी अस्तित्व में आए।


19. भारतीय संविधान में दी गई तीनों सूचियों के नाम बताएं।

उत्तर- भारतीय संविधान में तीन सूचियाँ हैं—संघ सूची, राज्य सची एवं समवर्ती सूची। .


20. दल बदल कानून क्या हैं ?

उत्तर- जब कोई व्यक्ति या जनप्रतिनिधि किसी दल विशेष के चनाव चिह पर चनाव लडे और चुनाव जीत जाने के पश्चात् उस दल को त्यागकर किसी दसो दल की सदस्यता ग्रहण कर ले तो इसे दल-बदल कहा जाता है। आए दिन दल-बदल के कारण सरकारें गिरती रही हैं। दल-बदल की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए दल-बदल कानून लागू किया गया है। नए दल-बदल कानून के अनसार अब
गायकों या सांसदों को अपनी सीटें गवानी पड़ सकती है। इस सदस्यों का दल-बदल रोकने के लिए 1985 एवं 2003 में सावधान में संशोधन कर दल-बदल कानून बनाया गया।


21. संघात्मक शासन व्यवस्था में लिखित संविधान क्यों आवश्यक है ?

उत्तर- संघात्मक शासन व्यवस्था में लिखित संविधान आवश्यक है। क्योंकि इस शासन व्यवस्था में प्रान्तों व केन्द्र सरकार के मध्य शक्तियों का बँटवारा किया जाता है। शक्तियों का बँटवारा संविधान द्वारा ही किया जाता है। यदि संविधान लिखित नहीं होगा तथा शक्तियों का बँटवारा स्पष्ट तथा सुनिश्चित नहीं होगा तो केन्द्र व प्रान्तों के मध्य अधिक विवाद उत्पन्न होंगे।


22. राज्य सची में कल कितने विषयों को रखा गया है? उदाहरण दें। –

उत्तर- राज्य सूची में कुल 66 विषयों को रखा गया है, जिनका महत्त्व राज्य सरकारों के लिए सर्वाधिक है। जैसे पुलिस, व्यापार, वाणिज्य, कृषि इत्यादि।


23. अनुसूचित भाषाएँ क्या हैं?

उत्तर- भारतीय संविधान की अनुसूची आठ में जिन भाषाओं को स्थान प्राप्त है वे सभी भाषाएँ अनुसूचित भाषाएँ कहलाती हैं। इस समय कुल


24. स्थानीय स्वशासन में किस स्तर की शासन-व्यवस्था है ?

उत्तर- यह शासन की सबसे निचली सीढी है जो ग्रामीण स्तर पर पंचायती राज एवं शहरी क्षेत्र में नगरपालिका के नाम से जानी जाती है।


25. भारतीय संविधान के दो प्रावधानों का वर्णन करें जो भारत को . धर्मनिरपेक्ष राज्य बनाते हैं।

उत्तर-

(i) भारतीय संविधान की प्रस्तावना में सांविधानिक संशोधन द्वारा भारत को धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है।
(ii) संविधान में इस बात का स्पष्ट उल्लेख कर दिया गया है कि भारत का अपना कोई धर्म नहीं है।


26. संसदीय शासन की क्या विशेषता है ? .

उत्तर- भारत में संसदीय सरकार है। इसकी विशेषताएँ इस प्रकार है—प्रथम, संसदीय सरकार में दो तरह की कार्यपालिका होती है-

(i) नाममात्र की और (ii) वास्तविक। राष्ट्रपति नाममात्र का प्रधान होता है जबकि प्रधानमंत्री वास्तविक प्रधान। दूसरे, प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल सहित लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होता है। तीसरे, लोकसभा बहुमत से मंत्रिमंडल को अपदस्थ कर सकती है।


27. श्रीलंका में गृहयुद्ध का क्या कारण था ?

उत्तर- श्रीलंका की सरकार ने स्वतंत्रता के बाद जो भी कानून बनाये, उसमें सत्ताधारी सिंहली समुदाय ने तमिल समुदाय के हितों की निरंतर उपेक्षा की, जिसके परिणामस्वरूप तमिलों तथा सिंहलियों के बीच के टकराव ने गृहयुद्ध का रूप ले लिया।


28. भारत को गणतंत्र क्यों कहा जाता है ?

उत्तर- प्रस्तावना में भारत को गणतंत्र घोषित किया गया है। इस बात को स्पष्ट किया गया है कि देश में किसी वंशगत राजा का शासन नहीं होगा। संविधान यह व्यवस्था करता है कि देश का शासक राष्ट्रपति होगा, जो जनता द्वारा निश्चित अवधि के लिए चुना जाएगा।


29. संघात्मक शासन क्या है ?

उत्तर- सत्ता के विभाजन के आधार पर शासन के दो रूप होते हैं – एकात्मक शासन एवं संघात्मक शासन। जब सत्ता एक ही जगह केंद्रित होती है तो उसे एकात्मक शासन कहा जाता है। जहाँ सत्ता का विकेंद्रीकरण कर दिया जाता है तो वहाँ संघात्मक शासन स्थापित हो जाती है। संघात्मक शासन में दोहरी सरकार होती है—केंद्र सरकार एवं इकाइयों की सरकार। दोनों के अधिकार क्षेत्र विभाजित कर दिए जाते हैं।


30. शासन की शक्ति किसी एक व्यक्ति या समूह के हाथों में नहीं होनी चाहिए। क्यों?

उत्तर- सत्ता के एक हाथ में रहने से निरंकुशता आ जाएगी। शासक अपनी मनमानी आरंभ कर देगा। सत्ता के बँटवारे से सभी वर्गों को समान अवसर मिलेगा जिससे सभी की बात समान रूप से सुनी जाएगी। यही कारण है कि शासन की शक्ति किसी एक व्यक्ति या समूह के हाथों में नहीं होनी चाहिए।


31. संघ राज्य का अर्थ बताएँ।

उत्तर- संघ राज्य में दो प्रकार की सरकारें होती हैं, एक केंद्रीय या संघीय तथा दूसरा राज्य सरकार। जब देश में शासन संचालन के लिए दहरे स्तर की सरकार का गठन किया जाता है, तो वह संघ राज्य कहलाता है। राज्य संघ के अंग होते हैं जिनके शासन के संचालन के लिए राज्यों की सरकार होती हैं। दोनों स्तरों के सरकारों के बीच संविधान के द्वारा शक्तियों का बँटवारा कर दिया जाता है।


32. नगर पंचायत क्या है?

उत्तर- ग्रामीण और नगर क्षेत्रों के बीच की श्रेणी में आने वाले क्षेत्र के लिए नगरपंचायत का प्रावधान है। जिस शहर की जनसंख्या 12000 से 40000 के बीचहे, वहाँ नगर पंचायत की व्यवस्था की गई है। नगर पंचायत में पार्षद की न्यूनतम संख्या 10 और अधिकतम 25 हो सकती है जिसक निर्वाचन पाँच वर्षों के लिए होता – है। चुनाव आरक्षण के नियमों के तहत होता है।


33. लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के सामने अंकों की चुनौतियाँ हैं। एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष के रूप में आप इन चुनौतियों से कैसे निपटेंगे?

उत्तर- राजनीतिक दलों का ध्यान सबसे अधिक निर्वाचन में अधिक-से-अधिक – सीटों पर जीत प्राप्त करने पर रहता है। इसके लिए किसी राजनीतिक दल के अध्यक्ष को संगठनात्मक चुनाव, चुनाव में स्वच्छ छविवालों को टिकट का आवंटन, युवाओं और महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी, चुनाव के बाद नतीजों का सर्वेक्षण करना तथा अपने कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनने के लिए जनता दरबार लगाने की व्यवस्था करनी चाहिए।


34. स्थानीय स्वशासन के महत्त्व का उल्लेख करें।

उत्तर- स्थानीय स्वशासन का आशय ऐसी शासन प्रणाली है जिसमें स्थानीय क्षेत्रों का शासन वहाँ की जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होता है। लोकतंत्र की यह मूल मान्यता है कि शासन के कार्यों में जनता के अधिक से अधिक भागीदारी हो। इस मान्यता को व्यावहारिक रूप स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं द्वारा ही प्रदान किया जाता है। इससे जनता को लोकतांत्रिक जीवन पद्धति अपनाने का आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त होता है। स्थानीय संस्थाएँ जनसहयोग के उत्कृष्ठ साधन हैं। स्थानीय शासन के कारण सरकार का कार्यभार हल्का हो जाता है। इस तरह. यह स्पष्ट है कि स्थानीय स्वशासन की संस्थाएँ लोकतंत्र की प्राथमिक पाठशाला और आदर्श जीवन की आधारशिला है।


Geography ( भूगोल ) लघु उत्तरीय प्रश्न 

1भारत : संसाधन एवं उपयोग
2कृषि ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
3निर्माण उद्योग ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
4परिवहन, संचार एवं व्यापार
5बिहार : कृषि एवं वन संसाधन
6मानचित्र अध्ययन ( लघु उत्तरीय प्रश्न )

History ( इतिहास ) लघु उत्तरीय प्रश्न 

1 यूरोप में राष्ट्रवाद
2समाजवाद एवं साम्यवाद
3हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन
4भारत में राष्ट्रवाद 
5 अर्थव्यवस्था और आजीविका
6शहरीकरण एवं शहरी जीवन
7व्यापार और भूमंडलीकरण
8प्रेस-संस्कृति एवं राष्ट्रवाद

Political Science  लघु उत्तरीय प्रश्न 

1लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी
2सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली
3लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा एवं संघर्ष
4लोकतंत्र की उपलब्धियाँ
5लोकतंत्र की चुनौतियाँ

Economics ( अर्थशास्त्र ) लघु उत्तरीय प्रश्न

1अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
2राज्य एवं राष्ट्र की आय
3मुद्रा, बचत एवं साख
4हमारी वित्तीय संस्थाएँ
5रोजगार एवं सेवाएँ
6वैश्वीकरण ( लघु उत्तरीय प्रश्न )
7उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण

Aapda Prabandhan Subjective 2022

  1प्राकृतिक आपदा : एक परिचय
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